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4/4/11

नव संवत्सर

नव संवत्सर
नव संवत् का रवि नवल, दे स्नेहिल संस्पर्श !
पल प्रतिपल हो हर्षमय, पथ पथ पर उत्कर्ष !!
चैत्र शुक्ल शुभ प्रतिपदालाए  शुभ  संदेश !
संवत् मंगलमय ! रहे नित नव सुख उन्मेष !!
मधु मंगल शुभ कामनानव संवत्सर आज !
हर शिव वांछा पूर्ण हो  हर अभीष्ट हर काज !!
नव संवत्सर पर  मिलें  शुभ सुरभित संकेत !
स्वजन सुखी संतुष्ट हों, नंदित नित्य निकेत !!
जीव  स्वस्थ संपन्न  होंहों  आनंदविभोर !
मुस्काती  हैं  रश्मियांनव संवत् की भोर !!
हर्ष व्याप्त हो  हर दिशा, ना  हो कहीं विषाद !
हृदय हृदय  सौहार्द होना हों कलह विवाद !!
हे नव संवत् !  है हमें  तुमसे  इतनी  आस !
जन जन का अब से बढ़े  आपस में विश्वास !!
-राजेन्द्र स्वर्णकार
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