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8/2/11

स्वागतम् बसंत


नव पल्लव , नव कुसुम , नव गंध और नव गात !
रजनी रसमय रंगिणी , प्रमुद प्रफुल्ल प्रभात !!
सुरभित पवन , सुहावनी धरा , स्वच्छ आकाश !
जल अमृत , रुचिकर अनल , …मुसकाए मधुमास !!
ले निज बिस्तर बोरिया , शरद चला बेहाल !
ॠतुपति के संस्पर्श से चहके धरा निहाल !!
- राजेन्द्र स्वर्णकार
(c)copyright by : Rajendra Swarnkar Bikaner
प्रस्तुत है
बसंत ॠतु के आगमन पर मां सरस्वती के चरणों में वंदन


नमो शारदे
जय वागीशा हंसवाहिनी ,महाश्वेता ब्रह्मचारिणी !
नमो शारदे प्रज्ञा शुक्ला वीणा - वाङ्मय - धारिणी !!

वाग्देवी ! अमृत - वर्षा कर' जीवन मधुमय करदो मां !
मंदमति हैं , मूढ़ हैंहममें ज्ञान - वारिधि भरदो मां !
हरो दयानिधि ! मन - मस्तक का कीच - कलुष तमहारिणी !
नमो शारदे प्रज्ञा शुक्ला वीणा - वाङ्मय - धारिणी !!

रखदो वरद - हस्त हम पर , हे सर्वगुणाधिष्ठात्री !
कला सृजन संगीत में समृद्ध करो हमें , हे मातुश्री !
शुभ्र प्रकाशित जीवन करदो , मंगलमयी शुभकारिणी !
नमो शारदे प्रज्ञा शुक्ला वीणा - वाङ्मय - धारिणी !!
- राजेन्द्र स्वर्णकार
(c)copyright by : Rajendra Swarnkar Bikaner


सुनिए यह सरस्वती वंदना मेरे स्वर मेरी कंपोजीशन में



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आप सबको
बसंत पंचमी की
बधाइयां और शुभकामनाएं !


62 टिप्‍पणियां:

संजय भास्कर ने कहा…

आदरणीय राजेन्द्र स्वर्णकार जी
नमस्कार !
वसंत पंचमी की ढेरो शुभकामनाए

udaya veer singh ने कहा…

priya rajendra ji ,

namskar ,

sndar shabdon ka chayan .thoda klisht
hai par puratan bhavon ka pradarshan
man , mastshk ko jhankrit kar gaya .
dhanyavad .

sagebob ने कहा…

नमन है माँ के चरणों में.
माँ सरस्वती का आशीष आपकी कलम और जिव्हा दोनों पर है.
आपकी आवाज़ में वंदना सुन कर सर अपने आप झुक जाता है.
सच पूछे भाई, आँखे बंद कर आप की गंभीर आवाज़ सुन रहा हूँ.
और आँखें खोलने का मन ही नहीं कर रहा है.
माँ सरस्वती की कृपा आप पर सदैव बनी रहे.
आपको भी बधाई.सलाम.

Anita ने कहा…

आप को भी वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनायें!

Shah Nawaz ने कहा…

बसंत पंचमी की ढेरों बधाईयाँ एवं शुभकामनाएं!

सतीश सक्सेना ने कहा…

शुभप्रभात राजेन्द्र भाई !
सुबह सुबह माँ दर्शन करवा दिए ! आभार !
वैसे भी मुझे शारदा की बहुत जरूरत थी :-)))...जो शारदा पुत्र राजेंद्र की कृपा से मिल गयी !
सादर

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

माँ शारदे को नमन।

कविता रावत ने कहा…

शुभ्र प्रकाशित जीवन करदो , मंगलमयी शुभकारिणी !
नमो शारदे प्रज्ञा शुक्ला वीणा - वाङ्मय - धारिणी !!
..बहुत सुन्दर स्तुति
आपको भी बसंत पंचमी की शुभकामनायें

seema gupta ने कहा…

नमो शारदे नमो शारदे

" माँ शारदा का आशीर्वाद सभी पर बना रहे "

regards

रश्मि प्रभा... ने कहा…

basant , vidya kee devi... sab mil gaye yahan

: केवल राम : ने कहा…

आदरणीय राजेन्द्र स्वर्णकार जी
आपने बहुत सुन्दरता से माँ सरस्वती की वंदना करते हुए अपने भावों को अभिव्यक्त किया है ...आपका आभार इस भावमयी प्रस्तुति के लिए

प्रतुल वशिष्ठ ने कहा…

.

बहुत सुन्दर आराधना.

.

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

बसंत पंचमी के अवसर में मेरी शुभकामना है की आपकी कलम में माँ शारदे ऐसे ही ताकत दे...:)

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

बसंत पंचमी के अवसर में मेरी शुभकामना है की आपकी कलम में माँ शारदे ऐसे ही ताकत दे...:)

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

भव्यता के इस आलोक ने
मन-मस्तिष्क अनुरंजित कर दिया!

नीरज गोस्वामी ने कहा…

बसंत की आपको भी शुभकामनाएं.
आज तो ताहिरा सईद और मलिका पुखराज की आवाज़ में बसन्त का ये गीत सुनते रहिये...सुनते रहिये...सुनते रहिये...

http://www.youtube.com/watch?v=jq3bb33sElU

नीरज

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

पूर्ण तन्मय कर देनेवाली इस मनोहारी स्तुति के लिए और इन सुमधुर स्वरों के लिए बहुत-बहुत आभार ,राजेन्द्र जी !

स्वप्निल कुमार 'आतिश' ने कहा…

ऐसी सुन्दर सरस्वती वंदना सुन कर मन खुशी से भर गया है ... बहुत बहुत बहुत सुन्दर .... :)

बसंत पंचमी की बहुत सारी शुभकामनायें ... हम सब पर माँ की कृपा बनी रहे ...

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

माँ सरस्वती का वरदहस्त यूं ही आप पर बना रहे । बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ...

यशवन्त माथुर ने कहा…

बहुत ही बढ़िया आवाज़ है सर आप की.
बसंत पंचमी की शुभ कामनाएं.

सादर

सदा ने कहा…

मां सरस्‍वती का यह वंदन ...बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

mridula pradhan ने कहा…

bahut achchi lagi.

shikha varshney ने कहा…

जय जय माँ शारदे ! बहुत सुन्दर प्रस्तुति.

इमरान अंसारी ने कहा…

धन्यवाद राजेंद्र जी और आपको भी ढेरो शुभकामनायें|

Deepak Saini ने कहा…

माँ शारदा की वंदना आपके स्वर मे प्रशंसनीय है
आपको भी बसंत पंचमी की शुभकामनाये

रंजना ने कहा…

दोही ही रचनाएं...वाह !!!

बसंत की सरस रचना ने जहाँ आह्लादित किया माता की वंदना ने भाव विह्वल कर दिया...

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

मां शारदे की सुंदर वंदना, हार्दिक शुभकामनाएं.

रामराम.

Arvind Mishra ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना -माँ सरस्वती की आप पर विशेष कृपा है ,बनी रहे !

चैन सिंह शेखावत ने कहा…

आदरणीय राजेंद्र जी..
आपको भी वसंत-पंचमी की शुभकामनाएँ.
शब्द और सुर की भावांजलि वसंत को साकार कर गई..
बेहद प्रभावी..
आभार

mahendra verma ने कहा…

भक्तिभाव से परिपूर्ण सरस्वती वंदना पढ़कर मन में अद्भुत शांति का संचार हुआ।
मां शारदे के चरणों में शतशः नमन।

बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

वीना ने कहा…

राजेंद्र जी इतने सुंदर शब्दों में वंदना सुनकर मन प्रसन्न हो गया..
आपको भी बसंत पंचमी की हार्दिक बधाई

Rajesh Kumar 'Nachiketa' ने कहा…

बहुत सुन्दर....
आपको भी वसंत पंचमी की शुभकामना...

डॉ. दलसिंगार यादव ने कहा…

राजेंद्र जी वसंत पंचमी के अवसर पर माँ सरस्वती को समर्पित रचना भेजने के लिए धन्यवाद और बधाई।

वाणी गीत ने कहा…

माँ के चरणों में सरस वंदना ...
वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाये !

रचना दीक्षित ने कहा…

बहुत ही सुंदर शब्दों में माँ की स्तुति. आपकी आवाज ने और भी चाँद लगा दिए.

वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाये

Rahul Singh ने कहा…

मधुर और मंगल काव्‍य. आपको भी बधाईयां.

निर्मला कपिला ने कहा…

माँ शारदे की वन्दना सुन कर मन मुग्ध हो गयी। बसंतोत्सव की हार्दिक शुभकामनाये।

baddimag ने कहा…

bhai wah maa sharda aap par apana aadhirwad you hi barsati rahe

sandhya ने कहा…

आदरणीय राजेन्द्र स्वर्णकार जी
नमस्कार !
सचमुच माँ सस्वती की असीम कृपा है आप पर, इस मनोहारी स्तुति के लिए और इन सुमधुर स्वरों के लिए बहुत-बहुत आभार.. आप जैसे कव्य महारथी के द्वारा प्रशंशा पाकर तो जैसे धन्य हो गई हमारी रचना..

"पलाश" ने कहा…

माँ शारदे सदा आप पर अपना आशीष बनाये रखें
बसन्त की आपको बहुह्त बहुत शुभकामनाये

Dorothy ने कहा…

बेहद भावमयी प्रस्तुति. आभार.
आप को वसंत की ढेरों शुभकामनाएं!
सादर,
डोरोथी.

arun mishra ने कहा…

प्रिय राजेंद्र जी ,
वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनायें|आप द्वारा माँ के चरणों में निवेदित भाव-प्रसूनों की सुरभि से मेरा भी मन महका| वसंत के स्वागत के तीनों दोहे उत्कृष्ट हैं|साधुवाद|
आपका सृजन श्लाघनीय है| माँ सरस्वती सदैव आप पर कृपालु रहें|
-अरुण मिश्र.

Kailash C Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर वन्दना..वसंत पंचमी की हार्दिक शुभ कामनायें..

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

आदरणीय राजेन्द्र जी ,
बासंती दोहे बहुत सुन्दर और मनमोहक लगे |
माँ की वंदना का क्या कहना ! ह्रदय गदगद हो गया |
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभ कामनायें |

Kunwar Kusumesh ने कहा…

वसंत पर आपकी सामयिक और सुन्दर रचना के साथ साथ माँ शारदे की स्तुति, वाह वाह राजेंद्र जी.
बहुत प्यारा लिखते हैं आप .
बधाई.

ushma ने कहा…

वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाये !!!

Dr Varsha Singh ने कहा…

राजेन्द्र स्वर्णकार जी,
माँ शारदे के चरणों में नमन।
सुमधुर स्वरों में बहुत सुन्दर वंदना......
वाह..क्या खूब लिखा है आपने।

minoo bhagia ने कहा…

basant mubarak ho rajendra ji

विरेन्द्र सिंह चौहान ने कहा…

आदरणीय़ राजेन्द्र जी..सादर अभिवादन स्वीकार हो।

बसंत के स्वागत में लिखी आपकी ये चन्द पंक्तियाँ और माँ सरस्वती की आराधना दोनों ही बेहद पसंद आई।

आपको बसंत पंचमी व बासंती मौसम की ढेरों शुभकामनाएँ और मंगलकामनाएँ......

Suman ने कहा…

rajendra ji bahut sunder rachna bhi aur avaaj bhi. maff kijiye jara der hui ane me.apkobhi anek shubh kamnaye basant ki.....

anupama's sukrity ! ने कहा…

माँ शारदा को नमन करती हुई अनूठी प्रस्तुति -
बधाई

Amrita Tanmay ने कहा…

...खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
आप को वसंत पंचमी की ढेरों शुभकामनाएं!

ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने कहा…

आद.राजेंद्र जी,
माँ वीणा पाणी के चरण कमलों में समर्पित आपके शब्द- सुमन आपके भाव पूर्ण स्वर की खुशबू को आत्मसात कर और भी सुन्दर हो गए हैं !
अर्चना के स्वर और हृदय को तरंगित करती आपकी मख़मली आवाज़ दोनों दिल को छू गए !
माँ की कृपा आप पर यूँ ही बनी रहे !

दीप्ति शर्मा ने कहा…

राजेन्द्र स्वर्णकार जी
नमस्कार
वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाये !

der se aane ko maafi chahti hu
...

CS Devendra K Sharma "Man without Brain" ने कहा…

aadarniye swarnakar ji,

bahut sunder sharde wandna.......

aapka profile bhi bahot achha hai......maa shaarde apko aur shabd aur 'saswaram' de.........

वृक्षारोपण : एक कदम प्रकृति की ओर ने कहा…

सरस्वती वन्दना सुनी......बहुत अच्छा लगाअ सुनकर।

बहुत दिनों बाद किसी संगीत ने मस्तिष्क को शान्ति पहुचायी। धन्यवाद!


इस वसन्त में वसन्त एवम् प्रकृति के लिये एक निवेदन......सहयोग की आशा के साथ---------

मैं वृक्ष हूँ। वही वृक्ष, जो मार्ग की शोभा बढ़ाता है, पथिकों को गर्मी से राहत देता है तथा सभी प्राणियों के लिये प्राणवायु का संचार करता है। वर्तमान में हमारे समक्ष अस्तित्व का संकट उपस्थित है। हमारी अनेक प्रजातियाँ लुप्त हो चुकी हैं तथा अनेक लुप्त होने के कगार पर हैं। दैनंदिन हमारी संख्या घटती जा रही है। हम मानवता के अभिन्न मित्र हैं। मात्र मानव ही नहीं अपितु समस्त पर्यावरण प्रत्यक्षतः अथवा परोक्षतः मुझसे सम्बद्ध है। चूंकि आप मानव हैं, इस धरा पर अवस्थित सबसे बुद्धिमान् प्राणी हैं, अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारी रक्षा के लिये, हमारी प्रजातियों के संवर्द्धन, पुष्पन, पल्लवन एवं संरक्षण के लिये एक कदम बढ़ायें। वृक्षारोपण करें। प्रत्येक मांगलिक अवसर यथा जन्मदिन, विवाह, सन्तानप्राप्ति आदि पर एक वृक्ष अवश्य रोपें तथा उसकी देखभाल करें। एक-एक पग से मार्ग बनता है, एक-एक वृक्ष से वन, एक-एक बिन्दु से सागर, अतः आपका एक कदम हमारे संरक्षण के लिये अति महत्त्वपूर्ण है।

ZEAL ने कहा…

.

जगत जननी शारदे , करूँ मैं तेरी वंदना ..

बेहतरीन रचना ।
आभार राजेन्द्र जी ।

.

ZEAL ने कहा…

आपकी आवाज़ में रचना सुनी , बहुत सुन्दर ! मनमोहक प्रस्तुति !

Minakshi Pant ने कहा…

बहुत खुबसूरत रचना उससे भी खुबसूरत गीत जिस प्यार से आपने उसे स्वर मै पिरोया है बहुत ही अच्छा लगा शायद हमारा भी संगीत से लगाव ने इसे दो बार सुनना चाहा !
बहुत अच्छा लगा !

सुशील बाकलीवाल ने कहा…

श्री राजेन्द्रजी, नमस्कार....
कृपया मुझे बतावें कि सिर्फ आडियो सांग जो आप अपनी पोस्ट पर प्रसारित करते हैं वो कैसे किया जा सकता है ? मेरा ई-मेल ID निम्नानुसार है-
sushil28bakliwal@gmail.com मोबाईल नं. 081090 34950,

sushila ने कहा…

हमेशा की तरह उत्कृष्‍ट अभिव्यक्‍ति ! बधाई भाई सा !

sushila ने कहा…

हमेशा की तरह उत्कृष्‍ट अभिव्यक्‍ति !